देहरादून: उत्तराखंड में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि पहाड़ी इलाकों में नदियां और नाले जमने लगे हैं। सोमवार को गंगोत्री से आगे देवऋषि नाले के पास भागीरथी नदी पूरी तरह जम गई, जिससे क्षेत्र में शीतलहर की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
वहीं, मैदानी इलाकों में घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों के लिए घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है।
2800 मीटर से ऊपर बर्फबारी के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 2800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने की संभावना है। इसके साथ ही पहाड़ी इलाकों में पाला पड़ने की भी आशंका जताई गई है।
केदारनाथ में तापमान माइनस 23 डिग्री
सोमवार अपराह्न के बाद केदारनाथ धाम में बर्फबारी शुरू हुई, जो देर शाम तक रुक-रुककर जारी रही। केदारनाथ और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते तापमान माइनस 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। धाम और आसपास के इलाकों में हल्की बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। नए साल में यह दूसरा मौका है जब केदारनाथ में बर्फबारी दर्ज की गई है।
मैदानी इलाकों में घना कोहरा
हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून के मैदानी इलाकों में घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की गई है। सोमवार को पंतनगर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री कम होकर 13.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। नई टिहरी और मुक्तेश्वर में रात का तापमान करीब 1.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि देहरादून का अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री दर्ज किया गया।





