देहरादून – राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एक बड़ा काम किया। उन्होंने 4,400 से ज्यादा मजदूरों को सीधे उनके बैंक खाते में 11 करोड़ रुपये भेज दिए।
यह पैसे किसके लिए दिए गए?
ये पैसे उन मजदूरों के लिए दिए गए जो निर्माण कार्य करते हैं। मतलब जो भवन, सड़कें और अन्य निर्माण कार्य में काम करते हैं। सरकार ने उनके लिए कई तरह की सहायता योजनाएं बनाई हुई हैं।
किन-किन योजनाओं से मिला पैसा?
मुख्यमंत्री ने निम्न योजनाओं के तहत पैसे वितरित किए:
विवाह सहायता योजना: जब किसी मजदूर का बेटा या बेटी की शादी होती है, तो सरकार उसे कुछ पैसे देती है।
मृत्यु अनुदान: अगर किसी मजदूर की अचानक मृत्यु हो जाए, तो उसके परिवार को सरकार आर्थिक मदद देती है।
प्रसूति सहायता: जब किसी मजदूर की पत्नी को बच्चा होने वाला हो, तो सरकार उसे स्वास्थ्य संबंधी सहायता देती है।
शिक्षा सहायता: मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकार पैसे देती है।
मुख्यमंत्री ने क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री जी ने श्रम विभाग के अधिकारियों को कुछ महत्वपूर्ण बातें कहीं:
1. अधिक लोगों तक पहुंचाओ इन योजनाओं का प्रचार-प्रसार बढ़ाया जाए। ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को इन योजनाओं के बारे में बताया जाए। विभिन्न इलाकों में शिविर लगाए जाएं।
2. आसानी से लाभ दो मजदूरों को इन योजनाओं का लाभ उन्हीं के काम की जगह के पास मिले। उन्हें कहीं दूर न जाना पड़े।
3. स्वास्थ्य जांच करवाओ मजदूरों की नियमित स्वास्थ्य जांच करवाई जाए। इसके लिए शिविर लगाए जाएं।
4. बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दो मजदूरों के बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जाए।
5. जरूरी सामान का वितरण करो जरूरत की चीजें (कपड़े, खाद्य सामग्री आदि) लोगों तक पहुंचाई जाएं।
6. पारदर्शिता बनाए रखो सभी कार्य में ईमानदारी और पारदर्शिता होनी चाहिए। कंप्यूटर और तकनीकी प्रणाली का उपयोग ज्यादा किया जाए।
7. सही लोगों को ही पैसे दो यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल योग्य और पात्र मजदूरों को ही ये लाभ मिले।
पिछले साल कितना पैसा दिया गया?
पिछले एक साल में सरकार ने कितना काम किया, इसकी जानकारी भी दी गई:
- 24,323 मजदूरों को लाभ दिया गया
- कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये बांटे गए
- विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के जरिए यह सहायता दी गई
पैसे कैसे दिए गए?
मुख्यमंत्री जी ने एक बटन दबाकर (वन क्लिक) पैसे सीधे मजदूरों के बैंक खाते में भेज दिए। इसे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) कहते हैं। मतलब बीच में कोई नहीं, सीधे खाते में पैसे आ जाते हैं।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन उपस्थित थे?
इस काम को देखने के लिए कई अधिकारी और सलाहकार मौजूद थे:
- राज्य सलाहकार
- सतर्कता समिति की अध्यक्ष
- अतिरिक्त सचिव
- श्रम आयुक्त और अन्य अधिकारी
खुशखबरी
यह एक अच्छी बात है क्योंकि: मजदूरों को सीधे पैसे मिल रहे हैं , उन्हें बहुत कहीं जाना नहीं पड़ रहा , उनके और उनके परिवार के लिए सुरक्षा बढ़ रही है , बच्चों की पढ़ाई में मदद मिल रही है
सीधी बात
आसान शब्दों में कहें, तो सरकार ने निर्माण मजदूरों की मदद के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। हर महीने या साल में जब कोई खुशी की घटना होती है (जैसे शादी) या कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना (जैसे मृत्यु), तो सरकार उन्हें आर्थिक सहायता देती है। यह योजना मजदूरों और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करती है।





