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उत्तराखंड में NEET पुनर्परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था बनी गई कड़ी

By: SAMACHAR INDIA

On: Saturday, June 20, 2026 4:25 PM

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देहरादून – राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा NEET की पुनः आयोजित परीक्षा अगले दिन आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा को लेकर प्रदेश के प्रशासनिक अमले ने सर्वोच्च सतर्कता को अपनाया है।

परीक्षा केंद्रों का भौगोलिक विस्तार

उत्तराखंड राज्य के विभिन्न प्रशासनिक जिलों में परीक्षा आयोजन के लिए 53 परीक्षा स्थल चिन्हित किए गए हैं। ये सभी स्थल 10 विभिन्न जिलों में वितरित हैं ताकि प्रत्येक क्षेत्र के अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके।

परीक्षार्थियों की संख्या

प्रदेशभर से लगभग 21,000 से अधिक विद्यार्थी इस पुनर्परीक्षा में सम्मिलित होने वाले हैं। यह संख्या पूर्व के किसी भी परीक्षा आयोजन की तुलना में काफी महत्वपूर्ण है।

सार्वजनिक व्यवस्था संबंधी निर्देश

प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्रों के आसपास के सभी क्षेत्रों में कानूनी प्रावधानों को सख्ती से लागू किया गया है। भारतीय संविधान की एक विशेष धारा का प्रयोग करते हुए परीक्षा केंद्रों के निकटवर्ती 200 मीटर का दायरा सुरक्षा क्षेत्र घोषित किया गया है।

परीक्षा स्थलों के चारों ओर निषेध

ध्वनि संबंधी प्रतिबंध: परीक्षा क्षेत्र के अंदर किसी भी प्रकार के यांत्रिक ध्वनि उपकरणों का उपयोग पूर्णतः वर्जित है। लाउडस्पीकर, प्रवर्धक यंत्र और अन्य सभी ध्वनि उत्पन्न करने वाले साधनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

भीड़भाड़ संबंधी निष्कासन: किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जुलूस, प्रदर्शन और सामूहिक मार्च निकालने पर कड़ा निषेध है।

हथियार संबंधी प्रतिबंध: परीक्षा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के आक्रमणकारी उपकरण, धारदार वस्तुएं, विस्फोटक पदार्थ और गोला-बारूद लाने पर सर्वथा निषेध है। इसके अतिरिक्त ईंट, पत्थर, लकड़ी की छड़ें और समान अन्य वस्तुओं को जमा करने पर भी रोक है।

भाषणबाजी संबंधी प्रतिबंध: राजनीतिक नारों, सामाजिक भावनाओं को भड़काने वाली बातें, और भ्रामक सूचनाओं का प्रसार सर्वथा प्रतिषित है। सरकारी संपत्तियों और सार्वजनिक ढांचों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां भी अनुमत नहीं हैं।

वाहन संबंधी निर्देश: वाहनों के जुलूस, यात्रियों की भीड़ को लेकर आने वाली बसें और अन्य परिवहन साधनों का संचलन नियंत्रित किया जाएगा।

कानूनी परिणाम

यदि कोई व्यक्ति इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत संगत धारा के तहत कानूनी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

सुरक्षा की बहु-स्तरीय व्यवस्था

केंद्रीय अर्धसैनिक बल की तैनाती: परीक्षा पत्रों के परिवहन के समय सशस्त्र सुरक्षा बलों के विशेष दल नियुक्त किए गए हैं।

पुलिस की नियुक्ति: प्रत्येक परीक्षा स्थल पर कम से कम उप-निरीक्षक रैंक के सरकारी अधिकारी को समन्वय प्राधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।

पूर्व निरीक्षण: पिछले कुछ दिनों से स्थानीय पुलिस प्रशासन प्रत्येक परीक्षा स्थल का नियमित दौरा कर रहे हैं। भवन की संरचना, विद्युत व्यवस्था, जलापूर्ति और स्वच्छता सुविधाओं का सत्यापन किया जा रहा है।

संचार व्यवस्था: परीक्षा अधिकारी और सुरक्षा कर्मचारी निरंतर संपर्क में रहेंगे।

देहरादून में व्यवस्था

शहर प्रशासन के प्रमुख सुरक्षा अधिकारी ने कहा है कि सभी तकनीकी व्यवस्थाएं सुदृढ़ की गई हैं। सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, बिजली की निरंतर आपूर्ति और आपातकालीन सेवाओं को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं।

हरिद्वार जिले में विभाजन

भौगोलिक संगठन: हरिद्वार जिले में परीक्षा केंद्रों को 5 प्रमुख क्षेत्रों और 12 उप-क्षेत्रों में बांटा गया है।

ग्रामीण और शहरी विभाजन: ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 8 परीक्षा केंद्र और शहरी क्षेत्रों के लिए 4 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं।

प्रशासनिक निरीक्षण: एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को पूरे जिले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है।

सुरक्षा कर्मियों की तैयारी: सभी संबंधित पुलिस कर्मचारियों को विस्तृत निर्देश और प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

अन्य जिलों में केंद्रों की स्थिति

नैनीताल जिला: इस पहाड़ी जिले में कुल 11 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां लगभग 3,874 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। पूरे जिले को 2 प्रमुख खंडों और 11 छोटे-छोटे क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारी दी गई है।

उधम सिंह नगर जिला: इस मैदानी जिले में 5 परीक्षा केंद्र की स्थापना की गई है, जहां 2,528 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

पिथौरागढ़ जिला: इस सीमावर्ती जिले में राष्ट्रीय स्तर के दो प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।

अल्मोड़ा जिला: इस ऐतिहासिक जिले में एक प्रौद्योगिकी संस्थान को परीक्षा केंद्र के रूप में नामित किया गया है।

तकनीकी सुरक्षा उपाय

निगरानी व्यवस्था: सभी परीक्षा केंद्रों में आधुनिक विडियो कैमरे लगाए गए हैं।

संचार में बाधा: रेडियो सिग्नल को बाधित करने वाली तकनीकी उपकरणें स्थापित की गई हैं।

बुनियादी ढांचा: प्रवेश द्वार, निकास मार्ग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और शौचालय सुविधाएं सभी को सुनिश्चित किया गया है।

निष्कर्ष

इस पुनर्परीक्षा के आयोजन में प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक अभ्यर्थी को निरापद, स्वच्छ और निष्पक्ष परीक्षा का माहौल मिले। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और बहु-स्तरीय निगरानी से परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाएगी।

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