देहरादून। नए साल के मौके पर देशभर से हजारों की संख्या में सैलानी उत्तराखंड पहुंचते हैं। मसूरी और नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। थर्टी फर्स्ट और नए साल के जश्न के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही को रोकने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
सरकार के निर्देश पर 31 दिसंबर और 1 जनवरी को दो दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान शराब पीकर वाहन चलाने, तेज रफ्तार और रैश ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना और छह महीने तक की जेल का प्रावधान रखा गया है। यह अभियान दिन और रात दोनों समय प्रभावी रहेगा।
देहरादून में उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने 45 नए अल्कोमीटर खरीदे हैं। इनकी मदद से मौके पर ही ड्राइवरों की जांच की जाएगी। शराब पीकर वाहन चलाते पाए जाने पर चालक का 10 हजार रुपये का चालान किया जाएगा और मामला कोर्ट भेजा जाएगा, जहां छह माह तक की सजा का भी प्रावधान है।
परिवहन विभाग ने मसूरी, नैनीताल समेत सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों पर विशेष टीमें तैनात करने का फैसला किया है। इन मार्गों पर ओवरस्पीड, बिना हेलमेट, सीट बेल्ट न लगाने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देना भी है। इसके तहत ट्रैफिक नियमों का पालन करने वाले वाहन चालकों को फूल देकर सम्मानित किया जाएगा, ताकि सकारात्मक संदेश दिया जा सके।
परिवहन विभाग ने लोगों से अपील की है कि नए साल का जश्न जिम्मेदारी के साथ मनाएं, शराब पीकर वाहन न चलाएं और तय गति सीमा का पालन करें। विभाग का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।





