देहरादून | उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शुक्रवार को संभावित बर्फबारी को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने सतर्कता बढ़ा दी है। विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि बर्फबारी की स्थिति में भी सड़कें बंद न हों और आम लोगों की आवाजाही पर कोई असर न पड़े।
मुख्य मार्गों पर रहेगा विशेष फोकस
लोनिवि सचिव पंकज पांडेय के अनुसार बर्फबारी शुरू होते ही प्राथमिकता के आधार पर प्रमुख सड़कों को सुचारु रखा जाएगा। चारधाम यात्रा मार्ग, जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाले रास्ते, अस्पतालों और एंबुलेंस के रूट, पुलिस व अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े मार्ग पहले से चिन्हित किए जा चुके हैं। इन पर त्वरित कार्रवाई के लिए टीमें तैनात रखने को कहा गया है।
मशीनें और सामग्री रहेंगी तैयार
लोनिवि के चीफ इंजीनियर राजेश शर्मा ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलैंड सहित अन्य भारी मशीनों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। बर्फ हटाने और सड़कें साफ रखने के लिए मशीनें स्टैंडबाय रहेंगी। साथ ही फिसलन कम करने के लिए नमक और रेत का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी
विभाग ने उन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने को कहा है, जहां हर साल बर्फबारी के चलते सड़कें जल्दी बंद हो जाती हैं। स्नोफाल के दौरान हर सेक्शन में जिम्मेदारी तय रहेगी, ताकि किसी भी स्थान पर सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर मार्ग खोल सके।
वैकल्पिक मार्गों की अग्रिम व्यवस्था
आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक मार्गों की जानकारी पहले से तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। यदि कहीं सड़क बंद होती है तो लोगों को समय रहते सूचना दी जाएगी, ताकि वे सुरक्षित विकल्प चुन सकें।
लोनिवि ने स्पष्ट किया है कि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बर्फबारी के बीच भी प्रदेश में सड़क संपर्क बनाए रखना और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी से बचाना है।




