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नंदा देवी राजजात 2026 हुई स्थगित, अब कब होगी ‘हिमालय महाकुंभ’ यात्रा

By: Neetu Bhati

On: Monday, January 19, 2026 6:07 AM

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कर्णप्रयाग | वर्ष 2026 के अगस्त–सितंबर में प्रस्तावित नंदा देवी राजजात इस साल आयोजित नहीं की जाएगी। 20 पड़ावों और करीब 280 किलोमीटर लंबी इस ऐतिहासिक यात्रा को श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए स्थगित कर दिया गया है। नंदा देवी राजजात समिति ने स्पष्ट किया है कि अब यह यात्रा वर्ष 2027 में आयोजित होगी।

सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला

नंदा देवी राजजात समिति के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुंवर ने कर्णप्रयाग में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि सितंबर माह में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की आशंका रहती है। इससे यात्रा संचालन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियां सामने आ सकती हैं। इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए राजजात को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि नंदा राजजात-2026 को स्थगित करने की औपचारिक घोषणा 23 जनवरी को नौटी गांव में आयोजित मनौती कार्यक्रम के दौरान की जाएगी।

आयोजन टलने के पीछे मतभेद की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, कुरूड़ और नौटी से राजजात/नंदाजात के शुभारंभ को लेकर हाल में कुछ मतभेद भी सामने आए थे, जिसके चलते आयोजन को टालने का फैसला लिया गया। हालांकि समिति पदाधिकारियों ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि निर्णय पूरी तरह यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।

क्या है नंदा देवी राजजात

नंदा देवी राजजात को ‘हिमालय का महाकुंभ’ कहा जाता है। यह यात्रा देवी नंदा को उनके मायके से विदाई देने का पौराणिक उत्सव है।
यह यात्रा चमोली जिले के नौटी गांव से शुरू होकर 19 से 22 दिनों तक चलती है और होमकुंड (रूपकुंड के पास) में संपन्न होती है।

शासन को सौंपे गए अहम प्रस्ताव

पत्रकार वार्ता के दौरान नंदा देवी राजजात समिति ने शासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे। समिति ने मांग की कि हिमालय सचल महाकुंभ प्राधिकरण की तर्ज पर नंदा देवी राजजात प्राधिकरण का गठन किया जाए।
यह प्राधिकरण न केवल नंदा देवी राजजात, बल्कि नंदा लोकजात , वार्षिक यात्राएं , नंदा देवी से जुड़े सभी मेले की योजनाएं तैयार कर उनके विकास का कार्य करे।

समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि नंदा देवी राजजात का पारंपरिक और धार्मिक दायित्व पहले की तरह गढ़वाल के राजवंशी कुंवरों के पास ही सुरक्षित रहेगा।
नंदा देवी राजजात के स्थगित होने से जहां श्रद्धालुओं को इंतजार करना पड़ेगा, वहीं समिति का कहना है कि 2027 में यात्रा को और अधिक सुरक्षित व सुव्यवस्थित रूप में आयोजित किया जाएगा।

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