देहरादून | बारिश न होने का असर अब देहरादून की आबोहवा पर साफ नजर आने लगा है। दिसंबर महीने में कई बार वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बढ़ने के बाद जनवरी के शुरुआती दिनों में हालात कुछ बेहतर हुए थे, लेकिन एक बार फिर दून की हवा प्रदूषित होती जा रही है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार रविवार को देहरादून का AQI 172 दर्ज किया गया, जो मध्यम से खराब श्रेणी की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों का स्तर बढ़ना है।
16 जनवरी को और बिगड़े हालात
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के अनुसार 16 जनवरी को देहरादून का AQI 207 तक पहुंच गया था, जो खराब श्रेणी में आता है।
पीएम 2.5 का स्तर: 92 और पीएम 10 का स्तर: 110
ये दोनों ही मानक स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक माने जाते हैं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों के लिए।
बारिश न होने से बढ़ी समस्या
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय से बारिश न होने के कारण वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कण नीचे बैठ नहीं पा रहे हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। यदि आने वाले दिनों में मौसम साफ और शुष्क रहा, तो प्रदूषण स्तर और बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की सलाह
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों को सुबह-शाम की सैर सीमित करने, मास्क का प्रयोग करने और खुले में व्यायाम से बचने की सलाह दी है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।




