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दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के खिलाफ सख्ती,9 सीनियर छात्र निष्कासित, दो पर 1 लाख रुपये का जुर्माना; नोटिस जारी

By: Neetu Bhati

On: Tuesday, January 20, 2026 7:50 AM

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देहरादून | राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में रैगिंग की दो गंभीर घटनाओं का खुलासा हुआ है। एंटी रैगिंग कमेटी की सिफारिश पर एमबीबीएस 2023 और 2024 बैच के नौ सीनियर छात्रों को हॉस्टल और कक्षाओं से निष्कासित कर दिया गया है। वहीं, दो मुख्य आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

12 जनवरी की घटना: बेल्ट-चप्पलों से पिटाई

पहला मामला 12 जनवरी का है, जिसमें एमबीबीएस 2025 बैच के एक छात्र के साथ सीनियर छात्रों ने बेल्ट और चप्पलों से मारपीट की और उसके बाल कटवाने का दबाव डाला। पीड़ित छात्र की शिकायत के बाद मामला एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपा गया।

सोमवार को एंटी रैगिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्राचार्य डॉ. गीता जैन को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर छात्र की पिटाई करने वाले दो आरोपियों को पूरे शैक्षणिक सत्र और इंटर्नशिप के दौरान हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया। इसके साथ ही दोनों को दो माह के लिए कक्षाओं से बाहर रखा गया और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।


दूसरी घटना: CCTV फुटेज से पहचाने गए सात छात्र


दूसरे मामले में एक जूनियर छात्र ने हॉस्टल में सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग का आरोप लगाया। जांच में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सात छात्रों की पहचान हुई। इन सभी को तीन माह के लिए हॉस्टल और एक माह के लिए कक्षाओं से निष्कासित किया गया है।

कॉलेज सूत्रों के अनुसार, इन घटनाओं ने जूनियर छात्रों में डर और भय का माहौल पैदा कर दिया है। एक मामले में सीनियर छात्रों ने खुद मारपीट की और अपने साथी छात्र को धमकाकर दूसरे जूनियर से भी पिटाई करवाई। एंटी रैगिंग कमेटी ने पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग और दस्तावेज सुरक्षित रखे हैं।


कॉलेज की अब तक की सबसे बड़ी रैगिंग कार्रवाई


2016 में स्थापित दून मेडिकल कॉलेज में यह अब तक की सबसे गंभीर रैगिंग घटना और सबसे सख्त कार्रवाई मानी जा रही है। इससे पहले 2023 में दो रैगिंग मामलों में दो छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित किया गया था और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने नोटिस जारी किया

मामले ने तूल पकड़ने पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी किया। आयोग ने कार्रवाई में देरी और सूचना न देने के मामले पर सवाल उठाए हैं और रिपोर्ट तलब की है।

सात दिन में हुई कार्रवाई पर सवाल

घटना 12 जनवरी को हुई थी, शिकायत 13 जनवरी को दर्ज की गई और अंतिम कार्रवाई 19 जनवरी को की गई। सूत्रों के अनुसार, कॉलेज प्रशासन में समन्वय की कमी के कारण कार्रवाई में देरी हुई। रविवार को चीफ वार्डन ने दो छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित किया, जबकि सोमवार को प्राचार्य स्तर पर आदेश जारी होने में देर शाम तक समय लगा।

कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में रैगिंग के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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