देहरादून/चंपावत। उत्तराखंड के कोटद्वार में बाबा दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद पर अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का तीखा बयान सामने आया है। चंपावत जिले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,
“नाम के आगे मोहम्मद लगा दो, अच्छे लगते हैं… यह क्या बात हुई?”
उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जो लोग कथित तौर पर अपने “पवित्र हिंदू नामों” से पहले ‘मोहम्मद’ जोड़ते हैं, कांग्रेस के युवराज उनके समर्थन में ट्वीट करने लगते हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की मानसिकता करार दिया।
देवभूमि की पहचान बचाने को सख्त कानून
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की मूल पहचान की रक्षा के लिए उनकी सरकार ने जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाया है। इसके साथ ही राज्य में लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
“नाम बदलकर धोखा देने वालों को कांग्रेस पसंद करती है”
धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति के चलते ऐसे लोगों को स्वीकार करती है, जो नाम बदलकर लोगों को धोखा देते हैं,
निर्दोष महिलाओं और लड़कियों को भ्रमित करते हैं, और उनका भविष्य बर्बाद करते हैं।उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन गंभीर सामाजिक मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है और वह सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करती है।
क्या है कोटद्वार बाबा दुकान विवाद
गौरतलब है कि यह पूरा मामला कोटद्वार में ‘बाबा’ नाम की कपड़ों की दुकान से जुड़ा है। यहां बजरंग दल के कार्यकर्ता दुकान के बाहर एकत्र होकर 70 वर्षीय दुकानदार वकील अहमद पर दुकान का नाम बदलने का दबाव बना रहे थे।
इसी दौरान जिम संचालक दीपक कुमार ने प्रदर्शनकारियों का सामना किया और कथित तौर पर खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थिति पर काबू पाया गया।
राहुल गांधी पर भी निशाना
मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रतिक्रिया पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के “शहजादे” ने बिना पूरी जानकारी के व्यक्ति के समर्थन में पार्टी को खड़ा कर दिया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर दीपक कुमार की तारीफ करते हुए उन्हें “भारत का हीरो” बताया था। मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस की तुष्टीकरण नीति का एक और उदाहरण बताया।
इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी तेज हो गई है।





