हल्द्वानी। काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने जमीन से जुड़े कथित चार करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में न्याय न मिलने से आहत होकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने शनिवार दोपहर फेसबुक पर लाइव आकर करीब 4 मिनट 54 सेकंड का वीडियो बनाया, जिसमें अपने साथ हुई कथित ठगी की पूरी आपबीती साझा की। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
फेसबुक लाइव में छलक पड़ा दर्द
फेसबुक लाइव में सुखवंत सिंह ने कहा कि वह एक किसान हैं और जमीन के नाम पर उनके साथ बड़ा धोखा किया गया। आरोप लगाया कि उन्हें जमीन कुछ और दिखाई गई, जबकि रजिस्ट्री किसी दूसरी जमीन की कर दी गई। उन्होंने दावा किया कि इस सौदे में उनसे तीन करोड़ रुपये नकद और एक करोड़ रुपये खाते के माध्यम से लिए गए।
सुखवंत ने वीडियो में 27 प्रॉपर्टी डीलरों के साथ-साथ तीन पुलिस अधिकारियों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि उन्होंने आईटीआई थाना, पैगा चौकी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार शिकायत दी, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हुई।
पुलिस पर गंभीर आरोप
वीडियो में सुखवंत ने आरोप लगाया कि थाना आईटीआई में शिकायत करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और कहा गया कि कथित गिरोह ने पुलिस को पैसे दिए हैं, इसलिए उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने यह भी कहा कि चार महीने तक उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
होटल के कमरे में लगाई खुद को गोली
फेसबुक लाइव के कुछ घंटों बाद देर रात सुखवंत सिंह ने गौलापार स्थित एक होटल के कमरे में खुद को गोली मारकर जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
नैनीताल जाने की थी योजना
मृतक के वीडियो से संकेत मिलता है कि वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ नैनीताल जाकर आत्महत्या करने की योजना बना रहे थे। हालांकि परिस्थितियां बदल गईं और अंततः गौलापार में यह दुखद घटना सामने आई। पत्नी और बेटे का इलाज एसटीएच में चल रहा है और दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
परिजनों ने मांगी CBI जांच
मृतक की बहन रूपिंदर कौर ने आरोप लगाया कि उसके भाई के साथ चार करोड़ रुपये की ठगी हुई और पुलिस ने मदद करने के बजाय उन्हें अपमानित किया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग की है।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, लगाए गए आरोपों और आत्महत्या के कारणों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
यदि आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो कृपया मदद लें और अपनों से बात करें। सहायता उपलब्ध है।




