देहरादून : देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र के वन विहार में बीते आठ जनवरी की रात हुई लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में “घर का भेदी लंका ढाए” कहावत पूरी तरह सच साबित हुई। लूट की साजिश किसी बाहरी नहीं, बल्कि पीड़ित के करीबी रिश्तेदार ने ही रची थी। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई नकदी और हथियार बरामद कर लिए हैं।
जमीन के सौदे की रकम पर थी नजर
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, इस वारदात का मास्टरमाइंड बुशरान राणा है, जो पीड़ित शराफत की फुफेरी बहन का पति यानी जीजा लगता है। बुशरान कपड़ों की फेरी का काम करता है। उसे जानकारी मिली थी कि शराफत ने सहारनपुर में अपनी जमीन का सौदा किया है और बयाने के तौर पर करीब एक करोड़ 80 लाख रुपये मिले हैं। इसी लालच में उसने लूट की योजना बनाई।
साथियों के साथ रची साजिश
बुशरान ने मुजफ्फरनगर के अपने चार साथियों आसिफ, इरफान, राजकुमार और वासिफ के साथ मिलकर पूरी योजना तैयार की। आठ जनवरी की रात वह सभी को लेकर शराफत के घर पहुंचा। उसने साथियों को घर दिखाया और खुद वहां से हट गया, ताकि कोई उसे पहचान न सके। इसके बाद बदमाशों ने घर में घुसकर हथियारों के बल पर परिवार को बंधक बना लिया।
लुटेरों को उम्मीद थी कि घर में करोड़ों रुपये मिलेंगे, लेकिन जमीन का सौदा कैंसिल हो जाने के कारण वहां बड़ी रकम मौजूद नहीं थी। बदमाशों को सिर्फ एक लाख रुपये नकद और कुछ जेवर ही हाथ लगे। इसके बाद वे मौके से फरार हो गए।
सीसीटीवी से सुराग, चेकिंग के दौरान गिरफ्तारी
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मंगलवार सुबह तेलपुर चौक के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने पांचों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा हो गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बुशरान राणा निवासी शिवपुरी, खतौली, आसिफ निवासी शिव मंदिर रोड, खतौली, इरफान निवासी किजियान मोहल्ला, मुजफ्फरनगर, राजकुमार निवासी उमरपुर, बुढ़ाना और वासिफ निवासी कजियान मोहल्ला, रहमतनगर, बघरा (मुजफ्फरनगर) शामिल हैं।
अपहरण की अफवाह भी आई सामने
पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने बताया कि इनमें से कुछ युवकों के अपहरण की शिकायत दो दिन पहले खतौली थाने में दी गई थी। मंगलवार को गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद परिजनों को पूरे मामले की सच्चाई पता चली।
42 तोला सोना लूटने का दावा गलत
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद मकान मालिक ने 42 तोला सोना लूटे जाने की बात कही थी, लेकिन जांच में यह दावा गलत निकला। पुलिस के अनुसार घर से बहुत कम जेवर लूटे गए हैं। शेष जेवरात की बरामदगी के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।





