देहरादून। उत्तराखंड में गरमाए सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर अंकिता भंडारी हत्या मामले में सरकार का पक्ष रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर संभव जांच कराने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं अंकिता के माता-पिता से संपर्क करेंगे और उनकी भावनाओं और अपेक्षाओं के आधार पर आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। सीएम ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो ने पूरे प्रदेश में माहौल बिगाड़ा है और इसका सबसे अधिक असर अंकिता के परिवार पर पड़ा है।
विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्रवाई
धामी ने बताया कि महिला आईपीएस रेणुका देवी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की। इस जांच के दौरान साक्ष्य जुटाए गए और न्यायालय में सरकार की पैरवी के कारण तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
वायरल ऑडियो की जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में कुछ लोगों के नाम लिए गए हैं, जिसकी सत्यता जांचने के लिए एसआईटी ने फॉरेंसिक जांच कराई है। ऑडियो में कहीं हत्या और कहीं आत्महत्या के संदर्भ दिए गए हैं।
सुरेश राठौर की तलाश
धामी ने बताया कि पुलिस पूर्व विधायक सुरेश राठौर की तलाश कर रही है। उनके आवास पर नोटिस चस्पा किया गया है और मोबाइल लोकेशन ट्रेस की जा रही है। राठौर को पार्टी ने एक साल पहले निष्कासित किया था।
सीएम ने दोहराया कि इस दुखद घटना से प्रभावित सबसे अधिक लोग अंकिता के माता-पिता हैं और सरकार उनकी भावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए न्याय सुनिश्चित करेगी।





