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सीबीआई जांच की मांग को लेकर दून की सड़कों पर उतरा जनसैलाब, पुलिस से झड़प

By: Neetu Bhati

On: Monday, January 5, 2026 6:53 AM

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देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सीबीआई जांच की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। रविवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों के आह्वान पर देहरादून की सड़कों पर भारी संख्या में लोग उतरे और मुख्यमंत्री आवास कूच किया। हालांकि, पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को हाथीबड़कला क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

सीबीआई जांच और सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीआईपी नेताओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर निकाली गई इस विशाल रैली में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। गुस्साए लोग सड़क पर ही बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

रविवार सुबह करीब 11 बजे उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच, कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल, सीपीआई, बेरोजगार संघ, उत्तराखंड मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति, गढ़वाल सभा महिला मंच सहित कई सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। यहां से रैली निकालकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े, लेकिन हाथीबड़कला पहुंचते ही पुलिस ने सभी को रोक दिया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि संरक्षण में पनपे अपराध तंत्र का नतीजा है। हाल ही में नए आरोप सामने आने के बाद इस मामले की निष्पक्ष और नए सिरे से जांच जरूरी हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी द्वारा कथित वीआईपी नाम सामने लाने के बावजूद सरकार इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।

सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार शुरुआत से ही वीआईपी को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल सभी लोगों को कठोरतम सजा दी जानी चाहिए और इसके लिए सीबीआई जांच अनिवार्य है।

11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का एलान

प्रदर्शन के दौरान उत्तराखंड मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के मोहित डिमरी ने 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का एलान किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यापारिक और सामाजिक संगठनों से बातचीत की जाएगी। साथ ही सरकार को एक सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि वीआईपी को जांच के दायरे में नहीं लाया गया और उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने कहा कि सरकार को जल्द सीबीआई जांच की संस्तुति करनी चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।
रोके जाने पर सड़क पर बैठे, गीत गाकर जताया विरोध
जब प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोका गया, तो बड़ी संख्या में लोग सड़क पर बैठ गए। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने गीत गाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
युवाओं का आक्रोश, सड़क पर फोड़ा घड़ा
प्रदर्शन में युवाओं का आक्रोश भी देखने को मिला। एक युवक कंधे पर घड़ा लेकर रैली में पहुंचा, जिस पर सरकार विरोधी नारे लिखे थे। हाथीबड़कला बैरिकेडिंग पर पहुंचकर युवक ने घड़ा फोड़कर अपना विरोध जताया।

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