देहरादून। शहर में ठंड बढ़ने और हवा की रफ्तार थमने से वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ गया है। मंगलवार रात देहरादून का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। कुछ इलाकों में AQI 320 तक दर्ज किया गया, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।
दून विश्वविद्यालय के पर्यावरण विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विजय श्रीधर ने बताया कि रात करीब 10 बजे के बाद हवा पूरी तरह शांत हो गई थी। हवा के रुकने से प्रदूषक कण वातावरण में ही जमा हो गए, जिससे प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ गया। उन्होंने कहा कि सर्दियों में तापमान गिरने और नमी बढ़ने से धुंध बनती है, जिससे प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो जाती है।
आगे और बिगड़ सकती है स्थिति
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार यदि आने वाले दिनों में हवा की गति नहीं बढ़ी और मौसम में बदलाव नहीं हुआ, तो वायु गुणवत्ता में और गिरावट आ सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
शीतलहर से निपटने को प्रशासन तैयार
शीतलहर के खतरे को देखते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने अलाव और अस्थायी रैनबसेरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि ठंड से लोगों को राहत मिल सके।





