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उपनल कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक,‘नो वर्क, नो पे’ का आदेश

By: Neetu Bhati

On: Thursday, November 20, 2025 12:06 PM

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देहरादून। राज्य सरकार ने प्रदेश में बढ़ते आंदोलनों और विभागीय कामकाज पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए बड़ा फैसला लेते हुए अगले छह महीने के लिए एस्मा (ESMA) लागू कर दिया है। इसके साथ ही अब राज्याधीन सेवाओं में किसी भी तरह की हड़ताल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

सचिव कार्मिक शैलेश बगोली द्वारा जारी अधिसूचना के बाद ESMA तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब उपनल कर्मचारियों की हड़ताल से कई विभागों में काम प्रभावित है और कई संगठन आंदोलन की तैयारी में हैं।

एस्मा लागू—कर्मचारियों के आंदोलन पर रोक

सरकार ने उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966 (उत्तराखंड में लागू) की धारा 3(1) के तहत ESMA लागू किया है।
इसके तहत किसी भी सरकारी विभाग, निगम या संस्था में तैनात कर्मचारियों द्वारा हड़ताल करना कानूनन प्रतिबंधित होगा। यह आदेश छः माह तक प्रभावी रहेगा।

उपनल कर्मचारियों पर कार्रवाई—नो वर्क, नो पे

दूसरी ओर, सरकार ने उपनल कर्मचारियों पर सख्‍ती दिखाते हुए स्पष्ट आदेश जारी किए हैं।
सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी ने उपनल के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर निर्देश दिया कि जिन उपनल कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर हाजिरी नहीं दी है, उन्हें चिह्नित किया जाए।संबंधित विभाग, निगम और संस्थाएं उनकी अनुपस्थिति दर्ज करें।नो वर्क-नो पे की नीति का सख्ती से पालन किया जाए।
यानी जो भी कर्मचारी दफ्तर नहीं आएगा, उसका मानदेय काट दिया जाएगा।

उपनल हड़ताल से कई विभागों में असर

उपनल कर्मियों के आंदोलन के चलते स्वास्थ्य, परिवहन, ऊर्जा, शिक्षा सहित कई विभागों में कामकाज प्रभावित बताया जा रहा है।सरकार का मानना है कि हड़तालें अत्यावश्यक सेवाओं में बाधा डाल रही हैं, इसलिए ESMA लागू करना आवश्यक हो गया था।
सरकार का यह तगड़ा कदम आने वाले दिनों में कई कर्मचारी संगठनों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है। वहीं ‘नो वर्क, नो पे’ के आदेश से उपनल कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ने की भी संभावना है।

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