देहरादून: कफ सिरप के कारण देशभर में बच्चों की मौत के मामलों के बाद अब पैरासिटामोल सिरप भी जांच के घेरे में आ गई है। उत्तराखंड सरकार ने ड्रग इंस्पेक्टरों को पैरासिटामोल सिरप की सघन जांच करने के निर्देश जारी किए हैं।
कफ सिरप पर कार्रवाई के बाद अब पैरासिटामोल सिरप पर नजर
बिहार, मध्यप्रदेश और तमिलनाडु में लगातार बच्चों की मौत के मामलों के बाद, उत्तराखंड में भी कफ सिरप की दवाइयों की जांच के आदेश दिए गए थे।इस जांच के दौरान एफडीए (FDA) ने कई मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस रद्द किए और कफ सिरप की पेटियां जब्त की थीं।अब सरकार ने पैरासिटामोल सिरप को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी है।
एफडीए के अपर आयुक्त और ड्रग कंट्रोलर ने बताया कि चार साल से कम उम्र के बच्चों को दी जाने वाली पैरासिटामोल सिरप पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पैरासिटामोल सिरप के सभी सैंपल्स की रिपोर्ट नियमित रूप से मेंटेन की जाए और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की तुरंत जांच हो।
कफ सिरप के सभी सैंपल सुरक्षित पाए गए
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में लिए गए कफ सिरप के सैंपल्स की रिपोर्ट अब आने लगी हैं“अब तक जांच में लिए गए किसी भी कफ सिरप का सैंपल फेल नहीं पाया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि कफ सिरप के साथ-साथ अन्य दवाइयों की भी जांच की जा रही है ताकि प्रदेश में कोई भी असुरक्षित दवा बाजार में उपलब्ध न हो।



