देहरादून: उत्तराखण्ड पुलिस ने हाल ही में एक बड़े नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए मोटी धनराशि की मांग कर रहा था। इस गिरोह के दो सदस्यों, हाकम सिंह और पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
देहरादून पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर इन आरोपियों को पटेल नगर क्षेत्र से हिरासत में लिया। आरोपियों के खिलाफ उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा अध्यादेश 2023 के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
आरोपियों की योजना
आरोपियों ने अभ्यर्थियों से 12 से 15 लाख रुपये की मांग की थी, और उन्हें परीक्षा में पास कराने का प्रलोभन दिया था। यदि अभ्यर्थी स्वतः चयनित हो जाते, तो आरोपी पैसे हड़प लेते, और यदि वे सफल नहीं होते, तो आरोपी आगे की परीक्षाओं में पैसे एडजस्ट करने के नाम पर उन्हें झांसे में लेने की योजना बना रहे थे।
परीक्षा की सुचिता और गोपनीयता
पूरे मामले की जांच में यह बात सामने आई है कि परीक्षा की सुचिता और गोपनीयता भंग होने का कोई संशय नहीं है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा 21 सितंबर 2025 को आयोजित की जा रही थी, और पुलिस ने पहले ही संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी।
नकल माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई
उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ ने पहले भी नकल माफियाओं के खिलाफ कई कार्रवाई की हैं। अगस्त 2024 में, एसटीएफ ने UKSSSC एग्जाम सेंटर के बाहर से नकल माफिया गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया था, जो 16 लाख रुपये में परीक्षा में पास कराने का सौदा कर रहा था ¹।
निष्कर्ष
उत्तराखण्ड पुलिस की इस कार्रवाई से नकल माफियाओं के खिलाफ एक सख्त संदेश गया है। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।





